स्थान: ગાંધીધામ, Gandhidham Taluka, Kutch, Gujarat, 370210, India
🗓️ सम्पूर्ण वैदिक पंचांग
20 October 2026 (मंगलवार)
शुक्ल पक्ष (20 Oct, 12:00 AM तक) — नवमी
✨ आज के पंचांग की मुख्य झलकी (Panchang Highlights)
🌙 वर्तमान तिथि: नवमी
आरंभ: 19 Oct, 05:30 AM
समाप्ति: 20 Oct, 05:30 AM
आरंभ: 19 Oct, 05:30 AM
समाप्ति: 20 Oct, 05:30 AM
⏭️ अगली तिथि: दशमी
आरंभ: 20 Oct, 05:30 AM
समाप्ति: 21 Oct, 05:30 AM
आरंभ: 20 Oct, 05:30 AM
समाप्ति: 21 Oct, 05:30 AM
⭐ नक्षत्र: श्रवण
समाप्ति: 20 Oct, 05:30 AM तक
समाप्ति: 20 Oct, 05:30 AM तक
🌀 योग: धृति
समाप्ति: 20 Oct, 05:30 AM तक
समाप्ति: 20 Oct, 05:30 AM तक
⚙️ करण: बव
समाप्ति: 20 Oct, 05:30 AM तक
समाप्ति: 20 Oct, 05:30 AM तक
🌅 सूर्योदय/सूर्यास्त:
06:48 AM / 06:20 PM
06:48 AM / 06:20 PM
🌟 अभिजित मुहूर्त:
12:10 PM - 12:58 PM
12:10 PM - 12:58 PM
🚫 राहु काल:
06:48 AM - 08:14 AM
06:48 AM - 08:14 AM
चंद्र राशि: मकर
सूर्य राशि: तुला
भद्रा: निष्क्रिय
पंचक: निष्क्रिय
गंडमूल: सामान्य
🕉️ 1. मुख्य पंचांग (पञ्च अङ्ग)
तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण की सटीक खगोलीय स्थिति।
📅 वार (Day)
मंगलवार
स्वामी ग्रह: मंगल
💡 महत्व: वार सात नवग्रहों के ऊर्जा प्रभाव को दर्शाता है।
🌙 आज व अगली तिथि की समयावधि
नवमी
📌 आरंभ: 19 Oct, 05:30 AM
🏁 समाप्ति: 20 Oct, 05:30 AM
💡 महत्व: तिथि सूर्य और चंद्रमा के बीच की 12 अंश (12°) की कोणीय दूरी को दर्शाती है।
⭐ नक्षत्र (Nakshatra)
श्रवण
कब तक: 20 Oct, 05:30 AM तक | पद: 1
💡 महत्व: चंद्रमा का तारामंडल क्षेत्र। यह मन और स्वभाव को नियंत्रित करता है।
🌀 योग (Yoga)
धृति
कब तक: 20 Oct, 05:30 AM तक
💡 महत्व: सूर्य व चंद्र का योग। यह कार्य की शुभता की अनुकूलता दर्शाता है।
⚙️ करण (Karana)
बव
कब तक: 20 Oct, 05:30 AM तक
💡 महत्व: तिथि का आधा भाग। यह कार्य सिद्धि के लिए देखा जाता है।
🌓 पक्ष (Paksha)
शुक्ल पक्ष
पक्ष समाप्ति: 20 Oct, 12:00 AM तक
💡 महत्व: चंद्रमा की कलाओं के घटने (कृष्ण) व बढ़ने (शुक्ल) की स्थिति।
🪐 2. नवग्रह स्थिति एवं नक्षत्र तालिका
ग्रहों की वर्तमान राशि, अंश (Degrees) व नक्षत्र स्थिति।
| ग्रह (Planet) | राशि (Sign & Degree) | नक्षत्र (Nakshatra) |
|---|---|---|
| सूर्य (Sun) | तुला (2.25°) | चित्रा |
| चंद्र (Moon) | मकर (11.74°) | श्रवण |
| बुध (Mercury) | कर्क (4.57°) | पुष्य |
| शुक्र (Venus) | कुंभ (1.05°) | धनिष्ठा |
| मंगल (Mars) | तुला (5.05°) | चित्रा |
| गुरु (Jupiter) | तुला (3.54°) | चित्रा |
| शनि (Saturn) | मकर (9.14°) | उत्तराषाढ़ा |
| राहु (Rahu) | सिंह (17.87°) | पूर्वाफाल्गुनी |
| केतु (Ketu) | कुंभ (17.87°) | शतभिषा |
☀️ 3. सूर्य, चंद्र एवं खगोलीय स्थिति
🌅 सूर्योदय एवं सूर्यास्त
06:48 AM / 06:20 PM
💡 दिन का आरंभ स्थानीय सूर्योदय से ही माना जाता है।
🌆 उषा काल एवं संध्या
06:25 AM / 06:42 PM
💡 दिन-रात की संधि बेला, जो उपासना के लिए सर्वोत्तम है।
🌔 चंद्रोदय एवं चंद्रास्त
01:26 PM / 12:58 AM
💡 चंद्रमा के उदय एवं अस्त होने का सटीक समय।
☀️ सूर्य राशि
तुला
💡 सूर्य देव की वर्तमान राशि स्थिति।
🌙 चंद्र राशि
मकर
स्वामी: शनि
💡 चंद्रमा की गोचर राशि स्थिति।
⏱️ दिन व रात्रि का मान
दिन: 11 घंटे 31 मिनट 46 सेकंड
रात्रि: 12 घंटे 28 मिनट 14 सेकंड
🟢 4. आज के शुभ मुहूर्त
🌟 अभिजित मुहूर्त: 12:10 PM - 12:58 PM
दिन का सर्वश्रेष्ठ सर्वसिद्धि मुहूर्त।
🧘 ब्रह्म मुहूर्त: 05:12 AM - 06:00 AM
पूजा-साधना और अध्ययन के लिए परम पवित्र समय।
⚔️ विजय मुहूर्त: 01:34 PM - 02:22 PM
कार्य सिद्धि व यात्रा आरंभ के लिए शुभ समय।
🐄 गोधूलि मुहूर्त: 06:05 PM - 06:35 PM
सायंकाल शांति एवं गृह पूजा का उत्तम काल।
⏱️ 5. चौघड़िया चक्र (समय-सारणी के साथ)
स्थान के सूर्योदय व सूर्यास्त के अनुसार सटीक चौघड़िया समय।
☀️ दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)
- रोग (अशुभ) 06:48 AM से 08:14 AM
- उद्वेग (अशुभ) 08:14 AM से 09:41 AM
- चल (सामान्य) 09:41 AM से 11:07 AM
- लाभ (शुभ) 11:07 AM से 12:34 PM
- अमृत (सर्वोत्तम) 12:34 PM से 02:00 PM
- काल (अशुभ) 02:00 PM से 03:27 PM
- शुभ (उत्तम) 03:27 PM से 04:53 PM
- रोग (अशुभ) 04:53 PM से 06:20 PM
🌙 रात्रि का चौघड़िया (Night Choghadiya)
- काल (अशुभ) 06:20 PM से 07:53 PM
- लाभ (शुभ) 07:53 PM से 09:27 PM
- उद्वेग (अशुभ) 09:27 PM से 11:00 PM
- शुभ (उत्तम) 11:00 PM से 12:34 AM
- अमृत (सर्वोत्तम) 12:34 AM से 02:07 AM
- चल (सामान्य) 02:07 AM से 03:41 AM
- रोग (अशुभ) 03:41 AM से 05:14 AM
- काल (अशुभ) 05:14 AM से 06:48 AM
💡 नोट: अमृत, शुभ, लाभ और चल चौघड़िया को शुभ माना जाता है।
🔴 6. अशुभ समय एवं वर्जित काल
🚫 राहु काल: 06:48 AM - 08:14 AM
दिन का मुख्य वर्जित समय। इसमें नया कार्य टालें।
⚠️ यमगंड: 09:41 AM - 11:07 AM
अशुभ फलदायी अवधि। इसमें महत्वपूर्ण निर्णय न लें।
⏳ गुलिक काल: 12:34 PM - 02:00 PM
शनि देव के प्रभाव वाला समय। नए कार्य की गति धीमी करता है।
🚩 7. दिशा शूल एवं संवत काल गणना
🚫 दिशा शूल
उत्तर दिशा
उपाय: गुड़ खाकर यात्रा करें
📜 संवत काल
विक्रम: 2083
शक: 1948 | कलि: 5127
📐 अयन व ऋतु
दक्षिणायन (पितरों का दिन)
ऋतु: शरद
📚 8. गणना का गणितीय एवं शास्त्रीय आधार (References & Scientific Basis)
यह पंचांग प्राचीन सनातन खगोल शास्त्र एवं आधुनिक उच्च-परिशुद्धता (High-Precision) गणितीय मॉडल पर आधारित है:
सूर्यसिद्धान्त एवं ग्रहलाघव (Surya Siddhanta)
सूर्य और चंद्र की कोणीय दूरी (12 अंश प्रति तिथि) का निर्धारण सिद्धांत ग्रंथों के गणितीय सूत्रों पर आधारित है।
सूर्यसिद्धान्त का संदर्भ देखें ↗
चित्रापक्ष / लाहिरी अयनांश (Lahiri Ayanamsa)
भारत सरकार की पंचांग सुधार समिति (Calendar Reform Committee) द्वारा संस्तुत अयनांश मॉडल।
अयनांश गणना संदर्भ ↗
NASA JPL Horizons Ephemeris
ग्रहों के अक्षांश, देशांतर तथा स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त समय निर्धारण हेतु प्रयुक्त खगोलीय डाटा मॉडल।
JPL Ephemeris Data Reference ↗
SanatanDharma.co Astronomical Engine
स्थान-विशेष (Latitude/Longitude) के अनुसार वास्तविक समय में पंचांग की गणना हेतु स्वीकृत पंचांग एल्गोरिदम।
SanatanDharma.co Official Algorithm ↗